Phishing Attack क्या है इसके कितने प्रकार है। Phishing Attack से कैसे बचें

Phishing meaning in hindi फिशिंग का मतलब आमतौर पर तो मछली पकड़ना होता है, जिस प्रकार एक मछली को पकड़ने के लिये जाल बिछाया जाता है, ठीक उसी प्रकार एक यूजर की इनफार्मेशन चुराने के लिये हैकर के जरिये एक ट्रैप या जाल बनाया जाता है। उसको फिशिंग कहते है

Phishing Meaning In Hindi

कोई भी  धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति द्वारा ईमेल या अन्य साधन द्वारा,किसी कंपनी या व्यक्ति का पर्सनल डेटा जैसे, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर, आदि चुराना फिशिंग कहलाता है। यह ठीक मछली पकड़ने के समान है  बस वहा मछवारा शिकार करता है, ओर यहा यूजर के साथ धोखाधड़ी की जाती है।

Phishing क्या है ?

Phishing meaning in hindi

फिशिंग एक प्रकार का सोशल इंजीनियरिंग अटैक है, fishing ओर Phishing दोनो शब्द पढ़ने में एक से लगते है। पर पहले वाले का मतलब सिर्फ मछली पकड़ने से है। और जो दूसरा वाले शब्द का  मतलब जालसाजी या ऑनलाइन scam करना है।

इसमे आपके पास व्हाट्सएप्प, ईमेल, फेसबुक, या अन्य किसी सोशल प्लेटफार्म के जरिये आपको लुभाने वाले ऑफर्स या कोई लॉटरी अमाउंट जीतने के मैसेज सेंड किया जाते है। 

जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते है, आपको आपकी पेर्सनॉल डिटेल्स भरने का ऑप्शन दिया जाता है। इस पेज पर आपकी डिटेल्स डालने से जालसाज के पास चली जाती है। 

फिशिंग करने का एक सटीक तरीका जालसाजों ने यह निकाला था। कि जब भी आपके पास कोई ईमेल या sms आएगा उसमे जानी-मानी वेबसाइट का लिंक दिया होगा और जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते है। तब आपके सामने हूबहू वही वेबसाइट खुल जाती है। जैसे कि मानलीजिय आपके पास किसी बैंक की तरफ से कोई ईमेल या sms आता। जिसमे दावा किया जाता है कि आपको loan अमाउंट या कोई प्राइज मनी दी जा रही है। और एक सामान्य यूजर जिसको की पता नही है। इनसब चीज़ों के बारे वह उस लिंक पर क्लिक करके चेक करता है।

 जैसे ही वह लिंक पर क्लिक करता है। तब उसके सामने उसी बैंक, या वही सम्बंधित वेबसाइड ओपन हो जाती है जिसके जरिये दावा किया गया था। तब उस यूजर को लगता है कि यह वेबसाइट रियल है। और वह उस वेबसाइट का एकाउंट होल्डर है तो वह लॉगिन करने की कोसिस करता है। जब वह Id ओर pass डालने की कोशिस करता है तब उसको एरर दी जाती है। ओर यूजर सोचता है कि वेबसाइट काम नही कर रही। पर ऐसा नही होता।

क्योकि उसकी लॉगिन डिटेल्स फिशिंग अटैक करने वाले का पास पहुच चुकी होती है। और वह लॉगिन करके आपके एकाउंट के साथ कुछ भी कर सकता है।

Phishing से कैसे बचें

फिशिंग का मतलब आप ने जान लिया है। चलिये अब जानते है फिशिंग से बचा कैसे जाए, फिशिंग से बचने के लिये आपको यदि कोई ईमेल या एस-एम-एस आता है तो आप उसमे आये लिंक पर क्लिक करने से बचे। यदि आप किसी भी वेबसाइट को विजिट करते है, तो आपको पता होना चाहिये उसका ऑफिसियल url कोनसा है यदि आपको यूआरएल में कुछ गड़बड़ लगे तब आप वहा अपनी डिटेल्स ना दे।

यदि कहि लॉगिन करने की आवश्कता भी पड़ती है तो आप डमी एकाउंट बना सकते है। जोकि आपकी रियल इन्फॉर्मेशन से ना बना हो।

ओर साथ ही आप किसी ऍप्लिकेशन को डाउनलोड करे तो उसमें मांगी जाने वाले परमिशन को ध्यान से पढ़े। और जो आवश्यक परमिशन हो वही दे।

Phishing के प्रकार

सामान्य रूप से फिशिंग 5 प्रकार की होती है। जिसका की ज्यादातर यूज़ किया जाता है, फिशिंग अटैक से बचने के लिये आपको यह पता होना चाहिये कि फिशिंग कोन कोंन से प्रकार की होती है। टोह चलिये जानते है इनको डिटेल में।

  • ईमेल फिशिंग

ईमेल फिशिंग बहुत ज्यादातर यूज़ किया जाने वाला तरीका है, इसमे आपको ईमेल के जरिये फसाने की कोशिस की जाती है। तो आप इससे बचने के लिये सामान्य तौर पर ईमेल id चेक कर उसमें आपको फेक डोमेन से ईमेल मिलेगा तब आप समझ जाएं कि वह ईमेल फिशिंग ईमेल है।

  • स्पीयर फिशिंग

यह भी एक ईमेल फिशिंग का ही तरीका है। इसमे सामने वाला व्यक्ति आपको ऐसे दर्शाता है कि वह रियल है और आपको जानता है, इस ईमेल में आपका नाम, मोबाइल नंबर, पता आदि चीज़े बताई जाती है। जिससे प्राप्त करता को लगे कि यह ईमेल रियल है क्योकि मेरी काफी डिटेल्स में लिखी हुई है। इससे भी बचने के लिये आप ईमेल एड्रेस चेक करें।

  • वेलिंग

यह एक बहुत ही सटीक फिशिंग मेथड है। इसमे आने वाला लिंक आपको ऐसा प्रतीत करवाता है, जौसे किसी जानकार ने सेंड किया है। और आपकी डिटेल्स दर्शाई जाती है ताकि आपको लगे कि यह ईमेल या sms बिल्कुल सही है। ऐसे डोमेन्स को इमेल्स को आप जरूर वेरीफाई करे।

  • स्मिशिंग एंड विशिंग

इसमे आपको sms या फ़ोन कॉल के जरिये बैंक के प्रतिनिधि आपकी डिटेल्स मांगते है। वह एक जालसाज होता है। और ध्यान रखे कि किसी को भी अपने डिटेल्स ना बताये यहां तक कि बैंक का भी फ़ोन आ जाये तब भी आपको अपनी डिटेल्स ना बताये।

  • एंगलर फिशिंग

सोशल मीडिया के जरिये फेक पोस्ट, क्लोन वेबसाइट, या मैलवेयर वाली एप्लीकेशन यूज़र्स को शेयर की जाती है जिससे वो उसपर क्लिक करते है। तो सीधे उनके फ़ोन में मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है, ओर सामने वाले व्यक्ति को आपके डिवाइस का एक्सेस मिल जाता है।

सारांश: दोस्तो आपने जाना फिशिंग मीनिंग या फिशिंग का मतलब क्या होता है और फिशिंग अटैक एक सामान्य अटैक है, जोकि सभी के साथ कभी न कभी होता है। इससे सुरक्षित रहने के लिये आपको अनवांटेड लिंक्स पर क्लिक नही करना चाहिये और न ही कोई थर्ड पार्टी सॉर्स से एप्लीकेशन डाउनलोड नही करना चाहिये।

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